Wednesday, April 7, 2021

रंगीन गुब्बारे



 



एक बार एक मेले में एक गुब्बारे वाला गुब्बारा बेच रहा था।  उसके पास कई विभिन्न प्रकार के विभिन्न रंगो के गुब्बारे थे।  जब कभी वो देखता की गुब्बारे की बिक्री नहीं हो रही है तो वो एक गुब्बारा आसमान में छोड़ देता और वो गुब्बारा आसमान में ऊर जाता।  इसे देख कई बच्चे खुश हो जाते और गुब्बारे खरीदने गुब्बारे वाले के पास दौड़कर आते।  उनमे से एक बचा बड़े आश्चर्य से उस आसमान में उरते हुए गुब्बारे को देखता है और पास जाकर गुब्बारे वाले से बोलता है क्या आपके पास वो काला रंग का गुब्बारा है वो भी उड़ेगा ?  गुब्बारे वाला सुनकर पहले तोह हसता  है फिर बोलता है "गुब्बारे उड़ेगा या नहीं ये इस बात पर निर्भर नहीं करता ही गुब्बारा किस रंग का है बल्कि उस गुब्बारे के अंदर क्या है। "

वास्तव में ये कहानी हमारी जीवन की सच्चाई को दिखती है। हमारी प्रतिभा इस बात पर निर्भर नहीं करती की हम ऊपर से दिखने में कैसे है बल्कि इस बात पे निर्भर करती है की हम अंदर से कैसे कितने अनुशासित है कितने मेहनती है कितने प्रयासवन है। ये अंदर में निहित गुण ही तय करते है की हमें सफलता हासिल होगी या नहीं।  

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